अपने विषय में
मध्यप्रदेश भौगोलिक अर्थ से भी अधिक भारत का हृदय है । छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बावजूद यह देश के बड़े राज्यों में से एक है। भोपाल, इन्दौर ग्वालियर, जबलपुर यहा के प्रमुख नवीनीकृत आर्थिक गतिविधियों के साथ आधुनिकता की ओर अग्रसर विकासशील तथा तेजी से बढ़ते हुए उपभोक्ता मार्केट एवं आवास और शहरी अधोसंरचना की बढ़ती हुई मांग वाले शहर है ।

    • समाज के सभी वर्गों के लिए विकास एवं आवास, कॉलोनी और वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण के व्यवसाय में निरंतर मध्य प्रदेश सरकार का संगठन।
    • ग्राहकों के साथ पारदर्शी और नैतिक निपटने के साथ उचित कीमत पर मकान / भूखंडों / वाणिज्यिक रिक्त स्थान प्रदान करके ग्राहकों की संतुष्टि के लिए अपनी प्रतिबद्धता के एकमात्र उद्देश्य से स्थापित किया।
    • अपने कर्मियों की बौद्धिक क्षमता एक संगठन की असली ताकत है ।

अर्बन फारमल सेक्टर में हाउसिंग गतिविधि

आज भी अर्बन फारमल सेक्टर में कुल हाउसिंग गतिविधियों का 50% भाग निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जाता है-न कि शासन अथवा निजी क्षेत्र के बिल्डरों द्वारा। यह इस क्षेत्र में हस्तक्षेप करने की विलक्षण संभावनाए दर्शाता है। हाउसिंग बोर्ड मध्यप्रदेश में अकेला सबसे बडा बिल्डर एवं वास्तविक संपदा का सृजनकर्ता है । अविभाजित मध्यप्रदेश में हाउसिंग बोर्ड का औसत योगदान 6000 भवन और 10,000 भूखण्ड प्रतिवर्ष है । 43 वर्ष पूर्व अपनी स्थापना के बाद से अभी तक हाउसिंग बोर्ड ने आवास और निर्माण के क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ रूपये का वित्तीय विनियोजन किया है । निस्सन्देह, (संख्या में, वित्तीय रूप में नहीं) इस अवदान में अधिकांश भाग अल्प आय वर्ग और अर्थिक रूप से लाभ विहीन वर्गो के लिये है । विगत वर्षो में हाउसिंग बोर्ड का टर्न-ओवर नाटकीय रूप से कई गुना हुआ है वर्तमान वर्ष में रूपये 550 करोड़ से भी अधिक संभावित है ।

मंडल की उपलब्धि

एम.पी.हाउसिंग बोर्ड देश के कुछ ही हाउसिंग बोर्डो में या शायद अकेला ऐसा बोर्ड है, जिसे अनुदान के रूप से सरकार से एक रूपया भी नहीं मिलता है । उसके सभी प्रोजेक्ट्स और कार्यक्रमों की (उसकी आन्तरिक क्राॅस-सबसिडी सहित) व्यवस्था मार्केट की स्वीकार्यता के अनुरूप प्रोजेक्ट की आर्थिक-संरचना में से ही की जाती है । इस क्षेत्र में विलक्षण संभावना को देखते हुए निजी बिल्डरों की प्रतिस्पर्धा में यह बोर्ड बहुत अच्छे ढंग से काम कर रह है ।

प्रख्यात वास्तुविदों का योगदान

मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जो श्रेष्ठ आर्कीटेक्चर, गुणवत्ताधारी भवनों और निर्माण गतिविधि के संबंध में पूर्ण रूप से सचेत है। अनेक प्रख्यात वास्तुविदों ने अपनी मेधा से मध्यप्रदेश के विकास में योगदान दिया है । ये हैं, श्री स्व.चार्ल्स कोरिया, श्री अनन्त राजे, श्री बी.व्ही.दोषी, श्री कानविन्दे तथा कई अन्य वास्तुविद । इन्होंने शहरी परिदृश्यों को समृद्ध करने और आधुनिक शहरी वातावरण के प्रति लोगों की अभिरूचि बढ़ाई है ।